Nayi soch Naya kadam

Desh ki unnati ke liye ek naya kadam...

15 Posts

1 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 23998 postid : 1195689

वैलेंटाइन डे की सच्चाई

Posted On: 28 Jun, 2016 Others,Social Issues में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

आज के दौर में ऐसा शायद ही कोई होगा जिसने valentine’s day का नाम न सुना हो । valentine’s day का नाम सुनते ही आपके दिमाग में गुलाब आया होगा या अपने प्रेमी प्रेमिका के साथ सैर सपाट का ख्याल आया होगा । खैर ख्याल जो भी आया हो पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि ये valentine’s day आखिर मनाते क्यों है ? इसका इतिहास क्या है ?

बात हज़ारो साल पुरानी है । रोम साम्राज्य का राजा था जिसका नाम था  Claudius । वो बहुत ही क्रूर भी था । उसे अपने देश से और देश में चलते आ रहे पुराने रीति रिवाज़ उसे पसन्द थे । जैसा कि हम सब जानते है कि यूरोप के देशो में लड़कियाँ बेहद खुले मिसाज़ की होती है । वे जल्दी ही किसी के भी चंगुल में आ जाती है। हज़ारो साल पहले भी ऐसा ही हुआ करता था । आपको यह जानकर बहुत हैरानी होगी कि बहुत लंबे समय तक यूरोपियन देशो में ऐसी मान्यता या ऐसी कुछ प्रथा चलती थी जिसमे लोग यह मानते थे कि लड़कियों में आत्मा नहीं होती है। उस समय पुरुषों को ही सारे हक होते थे और लड़कियों को सिर्फ वस्तु की तरह इस्तेमाल किया जाता था । ऐसे में यह होता था कि कोई भी पुरुष किसी भी लड़की के साथ सम्बन्ध बना लेता था या कोई भी लड़की किसी भी लड़के के साथ रहने को राज़ी हो जाती थी । वो लोग यह सोचते थे कि जीवन एक ही बार मिला है उसमें भी अगर मौज मस्ती नहीं की तो क्या जीना।

कुछ कुछ जाने माने दार्शनिक (philosopher) तो यह मानते थे कि लड़किया कुर्सी या मेज़ की तरह होती है । एक और प्रसिद्ध दार्शनिक तो यह तक बोल दिया था कि लड़कियां तो कपड़ो की तरह होती है और एक कपडा बार बार नहीं पहन सकते ।

ऐसे माहोल में पला बढ़ा राजा Claudius ने भी यही सोच रखी कि लड़कियां तो सिर्फ वस्तु होती है । उन्हीं के साम्राज्य में एक बहुत अच्छे संत या पादरी हुए जिनका नाम था Valentine। चर्च के पादरी होने के कारण उनकी सोच तो अच्छी थी ही साथ ही उन्होंने जो बढ़ती पीढ़ी के लिए सोचा था वो बहुत मुश्किल था । Valentine को यह बात गवारा नहीं थी कि बहुत से लोगो का लड़कियों के तरफ इतना ख़राब नज़रिया है। उन्होंने ठान लिया था कि अब वो ये प्रथा को खत्म करेंगे। उन्होंने तय किया कि वो खुद अलग अलग देशो में जाके देखेंगे कि क्या ये प्रथा बाकी देशों में भी चलती है कि नहीं।

वो निकल पड़े ये ढूंढने कि बाकी ओर देशों में कैसी प्रथाएँ चल रही है। कुछ देशों में तो उनको वैसा ही मिला जैसा उनके अपने साम्राज्य में था और कुछ देशों में नही। चलते चलते वो पहुँचे भारत । वहाँ वे काफी लोगो से मिले और काफी पुरानी किताबे भी पढ़ी जिसमे भारत के इतिहास के बारे में बहुत कुछ लिखा था । उन्होंने वहाँ यह देखा कि भारतीय लोगो का वैवाहिक जीवन यूरोपियन देशों से बिलकुल विपरीत है। भारत में तो सभी भारतीय शादी करके एक ही लड़की के साथ अपना पूरा जीवन बिता देते है। आगे और जब उन्होंने भारत के बारे में और जाना तो दंग रह गए। जहाँ एक तरफ यूरोपियन देशों में लड़कियों को वस्तु के समान उपयोग किया जाता था तो वही दूसरी ओर भारत में औरतों की ईश्वर का दर्जा दिया जाता था । भारत में आज भी औरतों को माता स्वरस्वती , दुर्गा , पार्वती का दर्जा दिया जाता है।

यह सब जानकर Saint Valentine बहुत प्रभावित हुए और ये तय किया कि अब वापस अपने देश जाकर राजा Claudius को समझाने की कोशिश करेंगे कि वो भी भारत जैसी प्रथा को अपना ले ।

Valentine वापस गए और राजा Claudius को बहुत समझाया पर Claudius अपनी बातों से टस से मस नहीं हुआ उल्टा यह कह दिया कि हज़ारो सालों से हमारी प्रथा को अगर तुमने रोकने की कोशिश की तो तुमको फाँसी दे दी जायेगी। Saint Valentine थोड़े परेशान हुए। उन्होंने सोचा कि राजा तो अपनी बातों से हिलना वाला है नहीं तो क्यों न घर घर जाके सीधा लोगो से यह बात बोली जाए। फिर वह लोगों से मिलने लगे उन्हें कहने लगे कि शादी करके सम्बन्ध बनाओ। एक ही से प्रेम करो । शादी के बाद उन्ही के साथ रहो। अलग अलग लोगो से सम्बंध् बनाने से बीमारियां ज़्यादा फैलती है। ऐसे वो बहुत से लोगों से कहने लगे। ऐसे में कुछ लोगों ने तो उनकी बात मानी और कुछ ने ऐसी ही मज़ाक में लिया।

बात धीरे धीरे बहुत लोगो तक फैलने लगी और इतनी फ़ैल गयी कि राजा Claudius तक बात पहुँच गयी कि Saint Valentine ये सब काम कर रहे हैं। राजा Claudius ने तुरंत Valentine को बुलाया। Valentine से बोला कि मैंने तुम्हें मना किया था कि तुम हमारी परंपरा के विरुद्ध नहीं जाओगे पर फिर भी तुम गए। राजा ने गुस्से में आकर आदेश दिया कि Valentine को फाँसी दी जाए। Claudius इतना चालाक था उसने उन सभी लोगों को इकठ्ठा किया जिन लोगों की शादी Valentine ने करवाई थी।

14 फरवरी का वो दिन था जब Valentine को फाँसी दी गयी उन लोगों के सामने जिनकी शादी Valentine ने करवाई थी । उस दिन से आजतक यूरोप में Valentine की याद में Valentine’s day मनाया जाता है यानि कि valentine का दिन। इसलिए उस दिन गुलाब दिए जाते है । आपस में प्यार जताया जाता है।

उम्मीद है आप सभी को यह article पसंद आया होगा।

Web Title : वैलेंटाइन डे की सच्चाई



Tags:     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran